कनालीछीना में सर्वाधिक 39 मिमी बारिश, पिथौरागढ़ में 38 मिमी; सरयू का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन अलर्ट
DTN पिथौरागढ़। जिले में बारिश का दौर आज भी जारी रहा। आज सुबह आठ बजे तक जिले की विभिन्न तहसीलों में बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 39.0 मिमी बारिश कनालीछीना में हुई, जबकि पिथौरागढ़ तहसील में 38.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई। लगातार बारिश के चलते जिले में 24 सड़क मार्ग बंद हैं, जिससे कई क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित है। प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से बंद मार्गों को खोलने का काम जारी है।

तहसीलवार बारिश के आंकड़ों के अनुसार कनालीछीना में 39.0 मिमी, पिथौरागढ़ में 38.0 मिमी, देवलथल में 35.0 मिमी, गणाई गंगोली में 34.0 मिमी और थल में 30.0 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा गंगोलीहाट में 23.0 मिमी, धारचूला में 22.4 मिमी, बेरीनाग में 19.2 मिमी, तेजम में 18.0 मिमी, डीडीहाट में 17.4 मिमी, मुनस्यारी में 16.4 मिमी और बंगापानी में 16.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई। जिले में मौसम हल्की वर्षा वाला बना हुआ है।
बारिश के कारण जिले में कुल 24 सड़क मार्ग बंद हैं। इनमें 20 ग्रामीण मार्ग, तीन बॉर्डर रोड और एक एनएच मार्ग शामिल है। एनएच लोहाघाट के अंतर्गत घाट-पनार-गंगोलीहाट मार्ग किमी एक पर बंद है। धारचूला क्षेत्र में धारचूला-तवाघाट मोटर मार्ग, कूलागढ़, तवाघाट-गुंजी और पांगबांबी समेत कई बॉर्डर मार्ग प्रभावित हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जौलजीबी-झूलाघाट, सल्ला-गोतगढ़ा, गुरुना-बमनथल-मिलम समेत कई सड़कें बंद हैं। संबंधित विभागों की ओर से बंद मार्गों को खोलने के लिए कार्यवाही जारी है।
काली नदी चेतावनी स्तर पर, सरयू और गोरी का जलस्तर बढ़ने का रुझान
धारचूला में सुबह 7:30 बजे दर्ज आंकड़ों के अनुसार काली नदी का जलस्तर 889.00 मीटर रहा, जो उसके चेतावनी स्तर 889.00 मीटर के बराबर है। खतरे का स्तर 890.00 मीटर है। हालांकि काली नदी का रुझान फिलहाल घटने का बताया गया है।
चमगाड़ में सरयू नदी का जलस्तर 448.40 मीटर दर्ज किया गया। यहां चेतावनी स्तर 452.00 मीटर और खतरे का स्तर 453.00 मीटर है। सरयू का जलस्तर बढ़ रहा है। वहीं जौलजीबी में गोरी नदी 604.70 मीटर पर रही। यहां चेतावनी स्तर 606.80 मीटर और खतरे का स्तर 607.80 मीटर है तथा नदी का रुझान बढ़ने का है। मदकोट में गोरी नदी का जलस्तर 1212.30 मीटर दर्ज हुआ। यहां चेतावनी स्तर 1214.10 मीटर और खतरे का स्तर 1215.10 मीटर है, जबकि नदी का जलस्तर फिलहाल घट रहा है।
बारिश और नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव को देखते हुए प्रशासन की निगरानी बढ़ गई है। बंद सड़कों को खोलने के लिए संबंधित विभागों की टीमें मौके पर काम कर रही हैं।
