चंपावत में बढ़ा दुग्ध उत्पादन, 5,533 पशुपालकों को लाभ

रोजाना 18 हजार से बढ़कर 21 हजार लीटर हुआ दूध उपार्जन

DTN चंपावत। जिले में दुग्ध उत्पादन और उपार्जन में लगातार वृद्धि हो रही है। चंपावत दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ में गत वर्ष प्रतिदिन 18 हजार लीटर दूध का उपार्जन होता था, जो अब बढ़कर 21 हजार लीटर पहुंच गया है। 16.7 प्रतिशत की इस वृद्धि से जिले के 5,533 से अधिक पशुपालकों को लाभ मिल रहा है।

विकासखंड लोहाघाट के बुंगाफर्त्याल निवासी राकेश उपाध्याय दिल्ली की निजी नौकरी छोड़कर गांव लौटे और डेयरी शुरू की। वर्तमान में 20 दुधारू पशुओं से प्रतिदिन 80 से 90 लीटर दूध समिति को उपलब्ध कराकर करीब एक लाख रुपये मासिक आय अर्जित कर रहे हैं। वहीं चांचड़ी गांव की मुन्नी देवी ने तीन पशुओं से डेयरी शुरू की थी और अब 15-16 पशुओं से प्रतिदिन 55 से 60 लीटर दूध उपलब्ध कराकर करीब 70 हजार रुपये मासिक आय अर्जित कर रही हैं।

दुग्ध संघ की ओर से पशुपालकों को पशुआहार, भूसा, साइलेज, खनिज मिश्रण, पशु चिकित्सा सुविधा और हरे चारे के बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि दुग्ध संघ, पशुपालन विभाग और सहकारी समितियों के समन्वय से दूध उत्पादन बढ़ा है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होने के साथ युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं।