देहरादून के 19 शैडो एरिया में पहुंचेगा मोबाइल नेटवर्क, डीएम ने दिए सख्त निर्देश…

देहरादून। जिले के दूरस्थ और नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जिला टेलीकॉम समिति एवं नेशनल ब्रॉडबैंड मिशन की समीक्षा बैठक में बीएसएनएल समेत सभी दूरसंचार कंपनियों को विधानसभा चुनाव से पहले सभी चिह्नित शैडो एरिया में मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में कुल 19 शैडो एरिया चिह्नित किए गए हैं। इनमें मसूरी विधानसभा क्षेत्र के सात और चकराता विधानसभा क्षेत्र के 12 क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आचार संहिता लागू होने से पहले इन सभी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाए। नेटवर्क स्थापित करने में राजस्व या वन भूमि से संबंधित कोई समस्या आने पर संबंधित विभागों से तत्काल समन्वय कर उसका समाधान किया जाए।

निष्क्रिय टावर तत्काल किए जाएं चालू

डीएम ने सभी मोबाइल कंपनियों को अपने टावरों और नेटवर्क का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो टावर वर्तमान में निष्क्रिय हैं, उन्हें तत्काल दुरुस्त कर सेवा बहाल की जाए। जिन क्षेत्रों में किसी भी कंपनी का मोबाइल टावर नहीं है, वहां बीएसएनएल प्राथमिकता के आधार पर टावर स्थापित करने की कार्ययोजना पर तेजी से काम करे। ग्राम पंचायतों, आंगनबाड़ी केंद्रों और प्राथमिक विद्यालयों तक भारतनेट के तहत फाइबर नेटवर्क पहुंचाने के कार्य में भी तेजी लाने को कहा गया।

बैठक में बीएसएनएल अधिकारियों ने बताया कि जिले के 767 गांवों में से 597 गांवों में बीएसएनएल की कनेक्टिविटी उपलब्ध है, जबकि 170 गांव अभी नेटवर्क से नहीं जुड़ पाए हैं। कुआंवाला-लच्छीवाला, दांडी-ऋषिकेश, रायवाला-हरिपुरकलां और दौड़वाला-दूधली के वन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी पहुंचाने में कठिनाइयां सामने आ रही हैं।

फुलसानी, दिरनाद और सिल्ला में नए 4जी मोबाइल टावर स्थापित करने के प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं। 4जी मोबाइल टावर संतृप्ति परियोजना के तहत स्वीकृत 24 ग्राम पंचायतों में से 22 में कनेक्टिविटी उपलब्ध करा दी गई है। रायपुर और सहसपुर की एक-एक ग्राम पंचायत में वन भूमि संबंधी समस्या के कारण कार्य लंबित है।

भारतनेट की 108 ग्राम पंचायतों में कनेक्टिविटी प्रभावित या लंबित

भारतनेट परियोजना के प्रथम चरण में जिले की 209 ग्राम पंचायतों को जोड़ा गया था, लेकिन फाइबर केबल कटने से वर्तमान में 69 ग्राम पंचायतों में कनेक्टिविटी प्रभावित है। दूसरे चरण में 228 ग्राम पंचायतों में से 189 को जोड़ा जा चुका है, जबकि 39 ग्राम पंचायतों में काम चल रहा है।

जिलाधिकारी ने फाइबर कटने से प्रभावित क्षेत्रों में नेटवर्क जल्द बहाल करने और लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ और वन क्षेत्रों में संचार सुविधाओं का विस्तार प्रशासन की प्राथमिकता है। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करें।

बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व केके मिश्रा, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, बीएसएनएल के डीजीएम रणवीर सिंह चौहान, एसडीई मोबाइल नीरज कुमार, डीआईसी मैनेजर सिद्धार्थ नेगी सहित विभिन्न दूरसंचार कंपनियों के अधिकारी मौजूद रहे।