राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों का होगा कायाकल्प, उत्कृष्टता केंद्र के रूप में होंगे विकसित

DTN देहरादून। उत्तराखंड के राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ ही शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति, बेहतर आवासीय सुविधाओं और विद्यार्थियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आज सचिवालय में आयोजित बैठक में विद्यालयों की व्यवस्था में व्यापक सुधार करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि इन विद्यालयों को ऐसा बनाया जाए, जहां विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ उनके सर्वांगीण विकास के पर्याप्त अवसर मिलें। इसके लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालयों का संचालन सोसाइटी के माध्यम से करने पर जोर देते हुए राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में शासी निकाय और जिला स्तर पर जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में समितियां गठित करने की व्यवस्था बनाने को कहा। सरकारी आवासीय विद्यालयों के बेहतर संचालन के लिए कानूनी ढांचा तैयार करने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने विद्यालयों में नियमित शिक्षकों और स्थायी प्रधानाचार्यों की नियुक्ति सुनिश्चित करने को कहा। स्थायी भर्ती पूरी होने तक पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। जिलाधिकारियों को जरूरत के अनुसार अस्थायी शिक्षकों की व्यवस्था करने के लिए अधिकृत करने के निर्देश भी दिए गए। शिक्षकों के चयन में पारदर्शिता और योग्य अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।

मुख्य सचिव ने प्रवेश परीक्षा और प्रवेश प्रक्रिया समय पर पूरी करने के निर्देश दिए, ताकि नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने से कम से कम एक माह पहले विद्यार्थियों के प्रवेश सुनिश्चित हो जाएं। विद्यालयों में खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और अन्य शैक्षणिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के साथ सभी जरूरी सुविधाएं निश्शुल्क उपलब्ध कराने को कहा।

उन्होंने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए चिकित्सा सुविधाएं, आपातकालीन वाहन और पर्याप्त बजट की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। बैठक में सचिव शिक्षा ज्योति यादव, अपर सचिव नवनीत पाण्डेय और महानिदेशक आकांक्षा कोंडे सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।