तीन लाख किमी चल चुकीं 50 एंबुलेंस बदली जाएंगी, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

DTN देहरादून। प्रदेश में 108 एंबुलेंस सेवा को अधिक प्रभावी और भरोसेमंद बनाने के लिए तीन लाख किलोमीटर से अधिक चल चुकीं करीब 50 एंबुलेंस को तत्काल बदलने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने आज सचिवालय में व्यय वित्त समिति की बैठक में अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपातकालीन एंबुलेंस सेवा सीधे लोगों के जीवन से जुड़ी है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

मुख्य सचिव ने निर्धारित अवधि पूरी कर चुके वाहनों को चरणबद्ध तरीके से बदलने के निर्देश दिए। साथ ही एंबुलेंस सेवा की निगरानी के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में अलग टीम गठित करने को कहा। यह टीम सेवा के विभिन्न पहलुओं का नियमित विश्लेषण करेगी। विभागीय स्तर पर साप्ताहिक और मासिक समीक्षा व्यवस्था भी विकसित की जाएगी, ताकि कमियों का समय रहते पता लगाकर सुधार किया जा सके।

उन्होंने एंबुलेंस के पहुंचने में लगने वाले समय का आकलन केवल औसत रिस्पांस टाइम से करने के बजाय प्रत्येक मामले का अलग-अलग विश्लेषण करने पर जोर दिया। इससे देरी के कारणों की पहचान हो सकेगी। एंबुलेंस में उपलब्ध जीवनरक्षक उपकरणों की हर माह जांच और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश भी दिए।

मुख्य सचिव ने रोगी की स्थिति और लोकेशन के आधार पर एंबुलेंस की आवाजाही की निगरानी के लिए मोबाइल ऐप जल्द तैयार करने को कहा। सरकारी एंबुलेंस को भी इस व्यवस्था से जोड़ने पर जोर दिया।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 108 सेवा के तहत 272 एंबुलेंस संचालित हैं, जबकि 250 से अधिक सरकारी एंबुलेंस भी उपलब्ध हैं। बैठक में सचिव विनय शंकर पांडेय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।