देवभूमि टुडे न्यूज | पिथौरागढ़। भारतीय सेना की खड़गा कोर की पर्वतारोहण टीम ने आदि कैलाश ट्रेकिंग अभियान को सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया। दुर्गम हिमालयी क्षेत्र में साहस और शारीरिक क्षमता का परिचय देने वाली इस मुहिम ने सीमावर्ती गांवों में जनसंपर्क, युवा सशक्तीकरण और राष्ट्रीय एकता का संदेश भी दिया। अभियान के जरिये सेना ने सीमांत क्षेत्रों के लोगों के साथ अपने संबंध मजबूत करने के साथ ही स्थानीय विकास में सहभागिता का संकल्प दोहराया।

भारत सरकार के वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम की भावना के अनुरूप आयोजित इस अभियान के दौरान सेना के जवानों ने गुंजी स्थित आर्मी गुडविल स्कूल में विद्यार्थियों, अभिभावकों और ग्रामीणों से संवाद किया। इस दौरान उन्हें शिक्षा के महत्व, युवाओं की भूमिका, राष्ट्रीय एकता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। सेना के दल ने सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को बताया कि गांवों का विकास और स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी देश की मजबूती के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
अभियान के दौरान दल ने धारचूला में पूर्व सैनिकों से भी मुलाकात की। उनके साथ अनुभव साझा किए और सेना तथा पूर्व सैनिकों के बीच आत्मीय संबंधों को और मजबूत किया। इसके अलावा स्थानीय लोगों को जिम्मेदार पर्यटन अपनाने और हिमालय के संवेदनशील पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए प्रेरित किया गया। सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा में स्थानीय समुदायों की भूमिका पर भी चर्चा की गई।
खड़गा कोर की इस पहल ने यह संदेश दिया कि सीमावर्ती गांव केवल देश की भौगोलिक सीमाएं नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और एकता के मजबूत आधार हैं। पर्वतारोहण जैसे साहसिक अभियान को सामाजिक सरोकारों से जोड़कर सेना ने सीमांत क्षेत्र के युवाओं को प्रेरित करने और स्थानीय लोगों के साथ विश्वास का रिश्ता मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की।
