धारचूला। आदि कैलाश यात्रा सीजन के बीच बाहरी राज्यों से आने वाली टैक्सियों के संचालन को लेकर धारचूला में स्थानीय टैक्सी यूनियन और व्यापारियों का आक्रोश खुलकर सामने आया। 11 मई को प्रस्तावित चक्काजाम और बाजार बंद को लेकर माहौल गरमा गया था, लेकिन प्रशासन और परिवहन विभाग के साथ हुई वार्ता के बाद फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया गया है।

पीडब्ल्यूडी डाक बंगले में आयोजित बैठक में स्थानीय टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि बाहरी राज्यों की टैक्सियां नियमों की अनदेखी कर स्थानीय रूटों पर संचालन कर रही हैं, जिससे स्थानीय टैक्सी संचालकों, व्यापारियों और होमस्टे व्यवसाय से जुड़े लोगों की आजीविका प्रभावित हो रही है। यूनियन ने प्रशासन से तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
आदि कैलाश टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष परवेश नबियाल ने कहा कि परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त जांच अभियान चलाने का भरोसा दिया है। आर्मी तिराहा और तवाघाट क्षेत्र में बाहरी टैक्सी चालकों के हिल लाइसेंस, परमिट और अन्य दस्तावेजों की जांच की जाएगी। साथ ही प्राइवेट वाहनों से यात्रियों को ढोने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
बैठक में मौजूद दर्जा राज्यमंत्री ने यूनियन प्रतिनिधियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा और स्थानीय लोगों के हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी।
एआरटीओ अभिनव गड़कोटी ने बताया कि तवाघाट चौराहे पर परिवहन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम नियमित जांच करेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ चालान और अन्य वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
व्यापार मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह थापा ने कहा कि प्रशासन की ओर से सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद फिलहाल बाजार बंद और चक्काजाम का निर्णय वापस ले लिया गया है। हालांकि यूनियन ने साफ किया कि यदि तय कार्रवाई नहीं हुई तो आगे बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
बैठक में तहसीलदार दमन सिंह राणा, कोतवाल हरेंद्र सिंह नेगी, टूर ऑपरेटर हरीश कुटियाल, गुलाब कुटियाल, बृजेश नबियाल, आदित्य गर्ब्याल, महेश दताल, जगदीश सिंह बौद्ध समेत बड़ी संख्या में वाहन स्वामी और यूनियन पदाधिकारी मौजूद रहे।
