चम्पावत। स्थानीय पशुपालकों को प्रोत्साहन देने एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में जनपद चम्पावत में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। आईटीबीपी एवं पशुपालन विभाग उत्तराखंड के मध्य हुए एमओयू के अंतर्गत स्थानीय पशुपालकों द्वारा 36वीं बटालियन आईटीबीपी, लोहाघाट को 376 किलो जिंदा मुर्गियों की सफलतापूर्वक आपूर्ति की गई।

जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देशानुसार आपूर्ति की गई मुर्गियों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं गुणवत्ता जांच के लिए पशुपालन विभाग की टीम मौके पर मौजूद रही। इस दौरान प्रभारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. टी.पी. यादव तथा सप्लाई ऑफिसर डॉ. दीपक कुमार ने मुर्गियों के स्वास्थ्य, गुणवत्ता एवं निर्धारित मानकों का परीक्षण किया। अधिकारियों ने सुनिश्चित किया कि आपूर्ति पूरी तरह गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हो।
आपूर्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से 36वीं बटालियन आईटीबीपी के सेकेंड इन कमांड डॉ. सूबे सिंह, लाइन कमेटी सदस्यों एवं विजिलेंस टीम द्वारा भी पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण किया गया।
पशुपालन विभाग के अनुसार यह पहल स्थानीय पशुपालकों के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी साबित हो रही है। इससे उन्हें अपने उत्पादों के लिए सुनिश्चित बाजार उपलब्ध हो रहा है, वहीं सरकारी विभागों एवं सुरक्षा बलों के सहयोग से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी इस प्रकार की व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाते हुए स्थानीय उत्पादकों को संस्थागत बाजार से जोड़ने के प्रयास जारी रहेंगे, जिससे स्वरोजगार एवं ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा मिल सके।
