फेसबुक पर चाइल्ड अश्लील सामग्री शेयर करना पड़ा भारी, पिथौरागढ़ में युवक पर आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज

DTN पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ में साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बाल यौन शोषण से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री डाउनलोड और सोशल मीडिया पर साझा करने के मामले में एक व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले में मोबाइल फोन समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण कब्जे में लेकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

पुलिस के अनुसार जनपद पिथौरागढ़ को एनसीआरपी (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) के अंतर्गत एनसीएमईसी (नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रेन) से बाल अश्लील सामग्री से संबंधित शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत मिलने के बाद एसओजी और साइबर सेल पिथौरागढ़ ने प्रारंभिक जांच शुरू की।

जांच के दौरान संदिग्ध व्यक्ति के मोबाइल फोन में बाल अश्लील सामग्री डाउनलोड होने और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के माध्यम से साझा किए जाने के प्रमाण मिले। इसके बाद निरीक्षक कैलाश चन्द्र जोशी, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली गंगोलीहाट की ओर से चहज निवासी विपिन चन्द्र के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67(बी) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

मामले की विवेचना निरीक्षक नीरज भाकुनी, प्रभारी एसओजी/साइबर सेल को सौंपी गई। जांच के दौरान साक्ष्यों के परीक्षण और पूछताछ में यह तथ्य भी सामने आया कि आरोपी महिला के नाम से सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों से संपर्क कर रहा था। साथ ही मोबाइल फोन में बाल यौन शोषण से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री संग्रहित होने और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित किए जाने की पुष्टि हुई।

पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण कब्जे में लेकर जांच तेज कर दी है। मामले में विस्तृत पूछताछ और अग्रिम कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस के अनुसार जनपद में इस प्रकार की कुल पांच अन्य शिकायतों की भी जांच चल रही है।

पिथौरागढ़ पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में बाल यौन शोषण से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री देखना, डाउनलोड करना, संग्रहित करना या सोशल मीडिया पर साझा करना कानूनन अपराध है। ऐसे कृत्यों से बचें और अन्य लोगों को भी जागरूक करें।

कार्रवाई में पुलिस टीम से उपनिरीक्षक मनोज चौधरी, कांस्टेबल सत्येन्द्र सुयाल, कांस्टेबल कमल तुलेरा और कांस्टेबल मनोज कुमार शामिल रहे।