DTN नागथात (देहरादून)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज स्वतंत्रता संग्राम सेनानी केदार सिंह स्टेडियम, नागथात में आयोजित जौनसार-बावर लोक सांस्कृतिक महोत्सव एवं क्रीड़ा समारोह-2026 में प्रतिभाग करते हुए क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इस अवसर पर उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय केदार सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री ने समरजेंस मोटर मार्ग के चौड़ीकरण एवं डामरीकरण, प्राथमिक विद्यालय नागथात को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित करने, यमुना नदी पर 60 मीटर स्पान पुल निर्माण, विभिन्न ग्रामीण सड़कों के निर्माण तथा पेयजल योजनाओं सहित कई विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए द्वीना से बिसोई खुना अलमान तक नए संपर्क मार्ग के निर्माण की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जौनसार-बावर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और मेहनतकश जनता के लिए देशभर में विशेष पहचान रखता है। उन्होंने श्री महासू देवता को नमन करते हुए कहा कि जौनसार बावर सांस्कृतिक पुनरुत्थान समिति पिछले 33 वर्षों से क्षेत्र की लोक संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने का सराहनीय कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यहां के रासो, हारूल और बौंद जैसी लोक परंपराएं उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक धरोहर हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान, वन धन योजना और जनजातीय विकास मिशन जैसी योजनाओं के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में विकास को नई गति मिली है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने प्रदेश के 128 जनजातीय गांवों को प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के तहत चिन्हित किया है, जहां सड़क, बिजली, पेयजल और इंटरनेट जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कालसी, मेहरावना, बाजपुर और खटीमा में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के माध्यम से जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि बाजपुर और चकराता में नए विद्यालयों का निर्माण कार्य जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समुदाय की बेटियों के विवाह के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। साथ ही जनजातीय शोध संस्थान के लिए एक करोड़ रुपये के कॉर्पस फंड की स्थापना भी की गई है। उन्होंने बताया कि चकराता क्षेत्र के विकास के लिए स्वीकृत 56 योजनाओं में से 51 पूरी हो चुकी हैं और शेष कार्य भी जल्द पूरे कर लिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र की सड़क व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 1300 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग-707 और 707ए का चौड़ीकरण युद्धस्तर पर किया जा रहा है। वहीं न्यू चकराता टाउनशिप हय्यो डांडा पंपिंग योजना पर लगभग 229 करोड़ रुपये की लागत से कार्य जारी है, जिससे भविष्य में क्षेत्र में पेयजल संकट नहीं रहेगा। श्री महासू देवता मंदिर परिसर के विकास के लिए 120 करोड़ रुपये के मास्टर प्लान पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।
कार्यक्रम में विधायक मुन्ना सिंह चौहान, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, गीता राम गौड़, नरेश चौहान, नरेंद्र तोमर सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
