पिथौरागढ़। जिले में बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए, औषधि निरीक्षक पंकज पंत के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी की कार्रवाई तेज़ कर दी है। इस अभियान के तहत, अब तक कुल 14 पेडियेट्रिक कफ सिरप के नमूने लेकर उन्हें जांच हेतु औषधि विश्लेषणशाला भेजा गया है।
औषधि निरीक्षक पंकज पंत ने बताया कि यह कार्रवाई निरंतर जारी है और इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों को केवल सुरक्षित और डॉक्टर द्वारा अनुमोदित दवाएं ही मिलें।
निरीक्षण के दौरान, पंकज पंत ने मेडिकल स्टोर संचालकों और थोक विक्रेताओं को विशेष रूप से प्रतिबन्धित कफ सिरप की पहचान और उनके खतरों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
दुकानदारों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि:
👉 पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को बिना डॉक्टर के परामर्श के खांसी की कोई भी दवा न दी जाए।
👉 यह सुनिश्चित किया जाए कि दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को खांसी की दवा बिल्कुल भी न दी जाए, क्योंकि यह उनके लिए हानिकारक हो सकती है।
इसके अलावा, सभी संचालकों को हिदायत दी गई है कि यदि उनके पास प्रतिबन्धित कफ सिरप का स्टॉक मौजूद है, तो वे तुरंत औषधि विभाग को सूचित करें।
संग्रहित किए गए सभी 14 नमूनों की लैब रिपोर्ट का अब इंतज़ार है। रिपोर्ट प्राप्त होते ही, औषधि एवं सौन्दर्य प्रशासन सामग्री अधिनियम-1940 के तहत नियमानुसार सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
पंत ने स्पष्ट किया कि बच्चों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और यह निरीक्षण तथा कानूनी कार्रवाई जनपद में आगे भी ज़ारी रहेगी। स्वास्थ्य विभाग जिले में दवाओं की गुणवत्ता और सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

