अल्मोड़ा को 138 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात, मुख्यमंत्री ने कहा- अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे विकास का लाभ

DTN अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के नवीन प्रशासनिक भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद अल्मोड़ा को 138.092 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं की सौगात दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 112.113 करोड़ रुपये की योजनाओं का लोकार्पण और 25.979 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है तथा पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशभर में सड़क संपर्क, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा व्यवस्था, पेयजल योजनाएं और ग्रामीण आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण जनपद है, इसलिए यहां की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकास योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, नगर विकास और पेयजल सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। साथ ही सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति प्राप्त होगी।

कार्यक्रम में रानीखेत तहसील में क्षतिग्रस्त आवास और कॉन्फ्रेंस हॉल निर्माण, राजकीय महिला पॉलीटेक्निक अल्मोड़ा में बाउंड्रीवाल, अल्मोड़ा नगर क्षेत्र में पार्किंग निर्माण, केएमओयू बस स्टेशन बहुस्तरीय पार्किंग, विभिन्न पेयजल योजनाएं, मोटर मार्ग सुधार कार्य, बाढ़ सुरक्षा परियोजनाएं, स्वास्थ्य केंद्र निर्माण और सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन से जुड़ी परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया।

इसके अलावा गोविंदपुर-दौलाघाट बैराज निर्माण, दन्या बाजार स्थित श्री सैम देवता मंदिर सौंदर्यीकरण, विद्यालय भवन निर्माण, विभिन्न मोटर मार्गों के डामरीकरण और मरम्मत कार्यों सहित कई योजनाओं का शिलान्यास भी किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार जनसेवा और प्रदेश के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। उन्होंने जनपदवासियों को विकास कार्यों की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार पर्वतीय क्षेत्रों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैड़ा, विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल, एसएसजे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर घोड़के समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।