लापरवाही बर्दाश्त नहीं, विकास कार्यों में तेजी लाएं: सचिव डॉ. एस.एन. पाण्डे

DTN पिथौरागढ़। मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. एस.एन. पाण्डे ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने शासन की प्राथमिकताओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने तथा योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से जनता तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में डॉ. पाण्डे ने विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास कार्यों, आधारभूत संरचना परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905, ई-ऑफिस प्रणाली, राजस्व प्रकरणों, सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, आपदा प्रबंधन, वित्तीय प्रगति एवं विभिन्न विभागीय योजनाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।

उन्होंने सभी विभागों को अपने-अपने शेल्फ ऑफ प्रोजेक्ट्स तैयार रखने के निर्देश दिए, ताकि शासन स्तर से निर्देश प्राप्त होने पर परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र क्रियान्वित किया जा सके। वन भूमि हस्तांतरण से जुड़े लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण पर भी जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा करते हुए डॉ. पाण्डे ने कहा कि लंबित घोषणाओं को किसी भी स्थिति में अटकाया न जाए और आवश्यक प्रस्ताव समय पर शासन को भेजे जाएं। उन्होंने स्वीकृत योजनाओं की भौतिक प्रगति में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा के दौरान उन्होंने एल-1 एवं एल-2 स्तर पर लंबित शिकायतों का शत-प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। शिकायतकर्ताओं से क्लिक-टू-कॉल के माध्यम से संवाद स्थापित कर वास्तविक समाधान करने तथा शिकायतों को जबरन बंद करने की प्रवृत्ति समाप्त करने के निर्देश दिए। 30 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों के शीघ्र निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया।

राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान नामांतरण, विरासत, सीमांकन एवं अन्य लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और अवैध कब्जों के खिलाफ नियमित एवं प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए।

बैठक में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, राष्ट्रीय पोषण मिशन, जल जीवन मिशन, कृषि, उद्यान, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत, पर्यटन एवं ग्रामीण विकास विभागों की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। डॉ. पाण्डे ने कहा कि योजनाओं में केवल लक्ष्य पूर्ति ही नहीं, बल्कि कार्यों की गुणवत्ता, उपयोगिता और स्थायित्व भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि लापरवाही, उदासीनता, अनावश्यक विलंब अथवा कार्यों की गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र सिंह, उपजिलाधिकारी सदर जितेन्द्र वर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एस.एस. नबियाल, परियोजना निदेशक डीआरडीए आशीष पुनेठा, जिला विकास अधिकारी रमा गोस्वामी, उपप्रभागीय वनाधिकारी राजकुमार सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।