DTN चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की आदर्श चम्पावत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में जनपद में संचालित विकास परियोजनाओं को लगातार गति दी जा रही है। इसी क्रम में गोल्ज्यू कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत जनसुविधाओं के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। ग्राम चम्पावत स्थित लोक निर्माण विभाग की भूमि को पर्यटन विभाग के पक्ष में हस्तांतरित किए जाने की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि उत्तराखण्ड शासन के सामान्य प्रशासन विभाग तथा प्रमुख अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग के पत्रों के क्रम में ग्राम चम्पावत की गैर ज०वि० खतौनी के खाता संख्या 1000 के अंतर्गत खसरा संख्या 6732 से 6750 तथा खसरा संख्या 6779 के मध्य स्थित कुल 0.355 हेक्टेयर भूमि को गोल्ज्यू कॉरिडोर परियोजना के लिए पर्यटन विभाग को हस्तांतरित करने की अनुमति प्राप्त हुई है। यह भूमि वर्तमान में लोक निर्माण विभाग के स्वामित्व में है।
उन्होंने बताया कि हस्तांतरित भूमि पर पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचे और जनसुविधाओं का विकास किया जाएगा। इससे न केवल गोल्ज्यू मंदिर क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि चम्पावत के धार्मिक एवं पर्यटन महत्व को भी नई पहचान मिलेगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि इस परियोजना से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि भूमि हस्तांतरण से संबंधित सभी प्रक्रियाएं शासन द्वारा निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुरूप पूरी की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि भूमि का उपयोग केवल गोल्ज्यू कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत जनसुविधाओं के विकास के लिए किया जाएगा तथा इसके प्रबंधन, रखरखाव और विकास की सम्पूर्ण जिम्मेदारी पर्यटन विभाग की होगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में चम्पावत को एक आदर्श पर्यटन एवं सांस्कृतिक जनपद के रूप में विकसित करने के लिए जिला प्रशासन लगातार कार्य कर रहा है। गोल्ज्यू कॉरिडोर परियोजना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
