हरगोविंद रावल “निर्भीक” DTN गंगोलीहाट। विकासखंड गंगोलीहाट सभागार में आयोजित क्षेत्र पंचायत (बीडीसी) बैठक में जनसमस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न विभागों को कटघरे में खड़ा कर दिया। बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब करने और अग्रिम आदेशों तक वेतन रोकने के निर्देश दिए।

बैठक की अध्यक्षता क्षेत्र प्रमुख विनोद प्रसाद ने की। बैठक में विधायक फकीर राम टम्टा, दर्जा राज्य मंत्री नारायण राम आर्य, जिला विकास अधिकारी रमा गोस्वामी, उपजिलाधिकारी अंकित राज, खंड विकास अधिकारी प्रदीप बिष्ट समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक की शुरुआत में ही जल निगम, जल संस्थान, पीएमजीएसवाई, वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति का मुद्दा गरमा गया। सीडीओ ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र की पेयजल योजनाओं की धीमी प्रगति पर भी सवाल उठाए। क्षेत्र पंचायत सदस्य गणेश जोशी ने पोखरी-भैरंग पेयजल योजना में हो रही देरी का मामला उठाया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 15 ग्राम पंचायतों में 32 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने के लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। वहीं जल जीवन मिशन के अंतर्गत कई गांवों में अब तक कनेक्शन नहीं मिलने पर भी नाराजगी जताई गई।
पशुपालन विभाग की समीक्षा में चौनाला पशु सेवा केंद्र के ढाई वर्षों से बंद पड़े होने का मामला सामने आया। बताया गया कि स्टाफ की कमी के कारण केंद्र का संचालन नहीं हो पा रहा है। वहीं लोक निर्माण विभाग से संबंधित सड़कों की जर्जर हालत और गड्ढों की समस्या भी बैठक में प्रमुखता से उठी। विभाग ने मरम्मत और डामरीकरण के लिए प्रस्ताव भेजे जाने की जानकारी दी।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी जनप्रतिनिधियों ने चिंता व्यक्त की। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंगोलीहाट में चिकित्सकों की कमी, रेडियोलॉजिस्ट के अभाव में अल्ट्रासाउंड सेवा प्रभावित होने तथा गणाई गंगोली के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के जर्जर भवन का मुद्दा उठाया गया। अधिकारियों ने अस्पताल में सुविधाओं के विस्तार और बजट उपलब्ध होने पर कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया।
पीएमजीएसवाई के अंतर्गत लाखतोली-नायल मोटर मार्ग पर हाल में हुए डामरीकरण के उखड़ने और पाइपलाइनों के क्षतिग्रस्त होने को लेकर भी सदस्यों ने नाराजगी जताई। विभाग ने संबंधित ठेकेदार से मरम्मत कराने का भरोसा दिलाया।
बैठक में बेलपट्टी पंपिंग पेयजल योजना का मुद्दा भी चर्चा में रहा। विधायक फकीर राम टम्टा ने बताया कि योजना के लिए राज्य सरकार की ओर से 12 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई जा चुकी है, जबकि शेष बजट केंद्र सरकार से मिलना है। इस दौरान योजना के कुछ हिस्सों में अभी तक पानी की आपूर्ति शुरू नहीं होने का मामला भी उठा।
इसके अलावा विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र की सड़कों, पेयजल योजनाओं, क्षतिग्रस्त पुलों, विद्यालयों की समस्याओं और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े मुद्दे सदन में रखे। सीडीओ डॉ. दीपक सैनी ने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों की शिकायतों का लिखित उत्तर दो दिन के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में सीडीओ ने सभी प्रस्ताव शासन को भेजने तथा जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में 40 में से 35 क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। संचालन एडीओ पंचायत हेम पाठक ने किया।
