11 राज्यों के 47 श्रद्धालु पहुंचे, पारंपरिक उत्तराखंडी संस्कृति से किया गया अभिनंदन
DTN टनकपुर। पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा के दूसरे जत्थे का आज टनकपुर पहुंचने पर जिला प्रशासन और कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) की ओर से पारंपरिक उत्तराखंडी रीति-रिवाजों के साथ भव्य स्वागत किया गया। ढोल-दमाऊं और पारंपरिक आतिथ्य से अभिभूत श्रद्धालुओं के चेहरों पर यात्रा को लेकर उत्साह और आस्था साफ दिखाई दी।

दूसरे जत्थे में देश के 11 राज्यों से आए कुल 47 श्रद्धालु शामिल हैं, जिनमें 34 पुरुष और 13 महिलाएं हैं। जिला प्रशासन एवं केएमवीएन के अधिकारियों ने यात्रियों का स्वागत कर उन्हें यात्रा संबंधी आवश्यक जानकारी दी। यात्रियों के लिए ठहरने, भोजन, स्वास्थ्य परीक्षण तथा यात्रा मार्गदर्शन की समुचित व्यवस्था की गई है।
केएमवीएन अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षित, सुविधाजनक और यादगार यात्रा सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाएं, वाहन सुविधा, पोर्टर, ठहराव सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई हैं। टनकपुर में रात्रि विश्राम के बाद यह जत्था पिथौरागढ़ जनपद के विभिन्न पड़ावों से होते हुए गुंजी, नाभीढांग और लिपुलेख दर्रे के रास्ते पवित्र कैलाश मानसरोवर के लिए रवाना होगा।
इस जत्थे में गुजरात से 10, राजस्थान से 8, महाराष्ट्र से 6, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से 5-5, मध्य प्रदेश से 4, हरियाणा से 3, उत्तराखंड और आंध्र प्रदेश से 2-2 तथा कर्नाटक एवं तेलंगाना से 1-1 श्रद्धालु शामिल हैं।
यात्रा के सफल संचालन में कुमाऊं मंडल विकास निगम के साथ आईटीबीपी, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग तथा स्थानीय जिला प्रशासन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कार्यक्रम में पर्यटन विभाग, प्रशासन और केएमवीएन के अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक एवं श्रद्धालु भी उपस्थित रहे।
