DTN धारचूला। भारी बारिश के बीच हुए भूस्खलन से गिरे बड़े-बड़े बोल्डरों की चपेट में आने से कुलागाड़ मुख्य मार्ग से व्यास, चौदास और दारमा वैली को जोड़ने वाला वैली ब्रिज बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पुल का एक हिस्सा टूटकर नीचे झुक गया है, जबकि पुल का ढांचा भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसके चलते व्यास, चौदास और दारमा वैली की ओर आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है।

वैली ब्रिज क्षतिग्रस्त होने से व्यास, चौदास, दारमा, जुम्मा, स्यांकुरी, खेला, खेत और सोबला समेत आसपास के कई गांवों के ग्रामीणों के सामने आवागमन का संकट खड़ा हो गया है। सड़क मार्ग के साथ पुल के क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र के लोगों की आवाजाही पर दोहरी मार पड़ी है।
भूस्खलन के दौरान पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबे के साथ बड़े बोल्डर नीचे आए, जिनकी चपेट में वैली ब्रिज आ गया। बोल्डरों की टक्कर से पुल का ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया। पुल की मौजूदा स्थिति को देखते हुए इस पर आवाजाही करना जोखिम भरा हो गया है।
पुल टूटने से क्षेत्र के लोगों के रोजमर्रा के काम प्रभावित होने के साथ ही जरूरी सामान की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। सावन मास में कुल देवता एवं अन्य धार्मिक आयोजनों के लिए होने वाले पूजा-पाठ में भी ग्रामीणों को पहुंचने में परेशानी हो रही है।
विधायक धामी ने तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की
विधायक हरीश धामी ने क्षेत्रीय जनता की परेशानी और आस्था को देखते हुए तत्काल वैली ब्रिज की व्यवस्था किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वैली ब्रिज क्षतिग्रस्त होने के कारण व्यास, चौदास एवं दारमा वैली में आवागमन के रास्ते बंद हो चुके हैं। इससे क्षेत्रीय जनता फंस गई है और उनके आवागमन के रास्ते पूरी तरह बंद हैं।
उन्होंने प्रशासन से वैली ब्रिज की व्यवस्था होने तक क्षेत्रीय जनता को लाने-ले जाने के लिए निशुल्क हेली सेवा की व्यवस्था किए जाने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि सावन मास में पूजा-पाठ एवं अन्य धार्मिक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं, इसलिए जनता की परेशानी को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था जल्द की जानी जरूरी है।
