बलुवाकोट (धारचूला)। राजकीय महाविद्यालय में संपन्न हुए छात्रसंघ चुनाव के परिणामों ने स्थानीय परिसर की राजनीति के समीकरणों को पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया है। इस बार के चुनाव में मतदाताओं और छात्राओं की लामबंदी का असर साफ देखने को मिला, जहां अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव समेत अधिकांश प्रमुख पदों पर छात्राओं ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए अपनी मजबूत पकड़ का अहसास कराया है।

अध्यक्ष पद के कड़े मुकाबले में दिया ने शानदार बढ़त बनाते हुए 195 मत हासिल किए और अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी खुशी को 107 मतों पर रोकते हुए 88 मतों के अंतर से करारी शिकस्त दी। यह जीत इस बात का प्रमाण है कि आम छात्रों के बीच दिया का जनसंपर्क और चुनावी एजेंडा अधिक प्रभावी रहा। वहीं उपाध्यक्ष पद पर मनीषा गोस्वामी ने 197 मत प्राप्त कर एकतरफा बढ़त बनाई, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी तनुजा भट्ट को 98 मतों पर ही संतोष करना पड़ा। यह बड़ा अंतर सांगठनिक मजबूती और वैचारिक पकड़ को साफ तौर पर दर्शाता है। इसके अलावा सचिव पद के दिलचस्प मुकाबले में किरण ने 178 मत हासिल किए और अपने प्रतिद्वंद्वी हिमांशु भट्ट को 118 मतों पर समेटते हुए 60 मतों के अंतर से यह सीट अपने नाम कर ली।
अन्य पदों पर भी चुनावी रण का रोमांच देखने को मिला। संयुक्त सचिव पद पर डिंपल धामी ने 190 मत पाकर रानू तितियाल को पराजित किया, जिन्हें 102 मत मिले थे। कोषाध्यक्ष पद की जंग में सुष्मिता ने 182 मत हासिल किए, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी प्रिया चलाल को 109 मतों से संतोष करना पड़ा। इन सबके बीच, राजनीतिक कौशल और आम सहमति का बेहतरीन परिचय देते हुए विश्वविद्यालय प्रतिनिधि पद पर हेमंत कुमार और उपाध्यक्ष छात्र पद पर नकुल सिंह सोनाल निर्विरोध चुने गए, जिन्होंने चुनाव से पहले ही अपनी रणनीतिक बढ़त साबित कर दी थी।
इन चुनावों के नतीजे साफ संकेत देते हैं कि कॉलेज परिसर में नेतृत्व का संतुलन अब पूरी तरह से नए समीकरणों और छात्राओं के हाथ में आ गया है। चुनाव परिणामों के घोषित होने के बाद से ही विजयी प्रत्याशियों के समर्थकों में जबरदस्त उत्साह का माहौल है और परिसरीय राजनीति की यह बंपर जीत आने वाले समय में क्षेत्रीय छात्र राजनीति की नई दिशा तय करेगी।
