DTN पिथौरागढ़। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर आज जनपदभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों में ध्वजारोहण कर दोनों महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रमों में सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, सद्भाव, नशामुक्ति और राष्ट्रसेवा का संदेश दिया गया।

जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने कलेक्ट्रेट परिसर में ध्वजारोहण किया। इसके बाद सभागार में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को सत्य, अहिंसा, शांति, स्वच्छता, नशामुक्ति तथा लोकतांत्रिक अधिकारों के जिम्मेदारीपूर्वक प्रयोग की शपथ दिलाई।
जिला मुख्यालय के गांधी चौक में मुख्य कार्यक्रम के रूप में सर्वधर्म सभा हुई। जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई और नगर निगम की मेयर कल्पना देवलाल ने गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने गांधी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों के साथ समाज में शांति, सद्भाव और स्वच्छता के लिए उनके विचारों को स्मरण किया। पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के सादगीपूर्ण जीवन, राष्ट्रसेवा और देशहित में किए गए कार्यों पर भी प्रकाश डाला गया। ‘जय जवान, जय किसान’ के उद्घोष के माध्यम से देश की सुरक्षा और कृषि के महत्व को रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों, नगर निगम के स्वच्छकों और वरिष्ठ नागरिकों को अंगवस्त्र व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। स्कूली बच्चों ने देशभक्ति गीत और गांधी जी के प्रिय भजनों की प्रस्तुति दी। चरखे से कताई-बुनाई का प्रदर्शन कर स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया गया।
विद्यालयों में प्रभात फेरियां निकाली गईं। निबंध लेखन, वाद-विवाद, सांस्कृतिक कार्यक्रम समेत विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। गांधी जयंती पर जिला चिकित्सालय, महिला चिकित्सालय, महिला कार्यशाला और बंदीगृह में फल वितरित किए गए। लंदन फोर्ट में गांधी के जीवन एवं विचारों पर आधारित चित्र प्रदर्शनी लगाई गई और उनके प्रिय भजनों का प्रसारण किया गया।
जिलाधिकारी और मेयर ने कहा कि गांधी का जीवन सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उनके विचार आज भी शांति, सद्भाव, स्वच्छता और सामाजिक समरसता के लिए प्रासंगिक हैं। वहीं, लाल बहादुर शास्त्री का सादगीपूर्ण और संघर्षशील जीवन विपरीत परिस्थितियों में धैर्य, साहस व कर्तव्यनिष्ठा के साथ राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देता है।
