देवभूमि टुडे न्यूज | चंपावत। अपनी जान जोखिम में डालकर दो सहेलियों को उफनती नदी में डूबने से बचाने वाली चंपावत जिले की 17 वर्षीय माया कांडपाल को मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। छह नवंबर को देहरादून में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उन्हें सम्मानित करेंगे।

घुरचुम गांव (पोस्ट ऑफिस कोटा जमराड़ी) निवासी भुवन चंद्र कांडपाल की बेटी माया ने पांच अगस्त 2025 को अदम्य साहस का परिचय दिया था। क्षेत्र में भारी बारिश के चलते भूस्खलन से सड़कें बंद थीं और पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे थे। ऐसे में स्कूल जाने का रास्ता बाधित होने पर माया अपनी सहेलियों कोमल और आरती के साथ नदी पार कर परीक्षा देने जा रही थी।
इसी दौरान नदी के तेज बहाव में कोमल और आरती बहने लगीं। दोनों को संकट में देख माया ने अपनी जान की परवाह किए बिना उफनती नदी में छलांग लगा दी। उसने पूरी ताकत लगाकर दोनों सहेलियों को डूबने से बचाया और सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया। इस दौरान माया खुद भी घायल हो गई और उसकी चप्पलें नदी में बह गईं। इसके बावजूद उसने हिम्मत नहीं हारी और दोनों सहेलियों को बचाने के बाद स्कूल पहुंचकर अपनी परीक्षा भी दी।
इंटरमीडिएट में हासिल किए 86.6 प्रतिशत अंक
विषम परिस्थितियों में साहस दिखाने वाली माया ने पढ़ाई के प्रति भी अपनी लगन साबित की। उसने वर्ष 2026 में इंटरमीडिएट की परीक्षा 86.6 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की। माया के साहस, तत्परता और मानवीय संवेदना को देखते हुए जनपद स्तरीय चयन समिति की संस्तुति पर महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग ने उसका चयन मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार के लिए किया है। छह नवंबर को होने वाले समारोह में माया को सम्मानित किया जाएगा।
