माता रणकोची धाम से विकास का संदेश: सीएम धामी ने चम्पावत को दी 170 करोड़ से अधिक की योजनाओं की सौगात

चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चम्पावत के पावन माता रणकोची मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके पश्चात मंदिर परिसर में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग कर उन्होंने क्षेत्रीय जनता से सीधे संवाद किया और जनसमस्याओं को सुना। मुख्यमंत्री ग्राम रियासी बमनगाँव एवं तोक खेत में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में भी सम्मिलित हुए तथा कलश यात्रा में भाग लेकर धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता की।

मुख्यमंत्री ने संस्कृति संवर्धन पहल के अंतर्गत जनपद के ऐतिहासिक मंदिरों के पुजारियों को “कला, परंपरा और पहचान” किट वितरित की। इस किट में वाद्य यंत्र, धार्मिक पुस्तकें, पूजा सामग्री सहित सांस्कृतिक सामग्री शामिल है। उन्होंने कहा कि यह पहल संस्कृति संरक्षण के साथ-साथ नशा मुक्त देवभूमि के संकल्प को भी साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री धामी ने माता रणकोची मंदिर परिसर से जनपद चम्पावत में कुल ₹17014.89 लाख की लागत की 20 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें ₹3395.05 लाख की 9 योजनाओं का लोकार्पण तथा ₹13619.84 लाख की 11 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इन योजनाओं में सड़कों का निर्माण एवं सुधारीकरण, पार्किंग निर्माण, सांस्कृतिक मंच, सैनिक विश्राम गृह, राज्य अतिथि गृह, पुल निर्माण, ग्लेम्पिंग साइट तथा मंदिरों के सौंदर्यीकरण जैसे कार्य सम्मिलित हैं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न विभागों के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, टूल किट, डमी चेक, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र एवं अन्य सहायता सामग्री वितरित की गई। समान नागरिक संहिता के अंतर्गत प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाले लाभार्थियों को भी सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री ने चम्पावत के विकास हेतु सात महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जिनमें बाढ़ सुरक्षा कार्य, मंदिरों का सौंदर्यीकरण, पूर्णागिरि मेला 2026 के लिए ₹2.5 करोड़ की सहायता, सड़कों का डामरीकरण, जिला चिकित्सालय में सुविधाओं का विस्तार, आयुष्मान आरोग्य मंदिर की स्थापना तथा इंटीग्रेटेड सैनिक कॉम्प्लेक्स निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध कराना शामिल है।

जनसंवाद को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत आस्था, संस्कृति और इतिहास की भूमि है। आस्था केवल पूजा नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली चेतना है। उन्होंने जिलाधिकारी मनीष कुमार के नेतृत्व में जनपद प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” के मूल मंत्र से चम्पावत आने वाले वर्षों में उत्तराखंड का आदर्श और आत्मनिर्भर जनपद बनेगा।