लिपुलेख दर्रे से 2026 में फिर शुरू होगा भारत–चीन सीमा व्यापार, तैयारियों में जुटा प्रशासन

पिथौरागढ़। भारत–चीन सीमा व्यापार को वर्ष 2026 में पुनः शुरू किए जाने को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई की अध्यक्षता में जिला आपदा परिचालन केंद्र सभागार में आयोजित बैठक में विभिन्न विभागों के साथ विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने बताया कि विदेश मंत्रालय से अनापत्ति मिलने के बाद प्रस्तावित व्यापार सत्र को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है। भारत–चीन समझौते के तहत व्यापार अवधि जून से सितंबर तक निर्धारित है, हालांकि मौसम के अनुसार अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव भी भेजा जा सकता है।

बैठक में अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं पर्यटन कार्यालय के संचालन के लिए स्थानीय स्तर पर संविदा नियुक्तियों तथा व्यापार अवधि में पीआरडी स्वयंसेवकों और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती पर विचार किया गया। साथ ही ट्रेड पास जारी करने की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। उपजिलाधिकारी धारचूला आशीष जोशी ने बताया कि वर्ष 2026 में भी पूर्व की भांति व्यापारियों को ट्रेड पास जारी किए जाएंगे। पिछले सत्र में 265 ट्रेड पास जारी किए गए थे और इस बार संख्या बढ़ने की संभावना है।

अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि व्यापार अवधि में धारचूला में भारतीय स्टेट बैंक द्वारा नकद और मुद्रा विनिमय सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही सीमा शुल्क विभाग, बरेली से कस्टम स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि सीमा व्यापार के तहत आयात में ऊन, पश्मीना, नमक, बोरेक्स, रेशम, मक्खन, याक के बाल व खाल शामिल हैं, जबकि निर्यात में कपड़ा, कंबल, मसाले, आटा, सूखे मेवे, सब्जियां, तांबे के उत्पाद, कृषि उपकरण व अन्य वस्तुएं शामिल हैं। पिछली बार इस क्षेत्र से करीब 1.25 करोड़ रुपये का निर्यात और 1.90 करोड़ रुपये का आयात हुआ था।

जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि व्यापार शुरू होने से पहले सड़क, संचार, बैंकिंग, सुरक्षा और ठहरने की व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं। बीएसएनएल को सीमा क्षेत्र में नेटवर्क मजबूत करने तथा गुंजी क्षेत्र में शौचालय व अन्य आधारभूत सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में पुलिस अधीक्षक अक्षय कोंडे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।