DTN चंपावत। आम जनता को गुणवत्तापूर्ण और मानक दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने केंद्रीय औषधि भंडार का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दवाओं के रखरखाव, रिकॉर्ड और गुणवत्ता संबंधी व्यवस्थाओं की गहन जांच की गई। साथ ही गुणवत्ता परीक्षण के लिए आठ दवाओं के नमूने लेकर राजकीय विश्लेषण शाला भेजे गए।

अपर आयुक्त औषधि नियंत्रक, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड तथा जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष निरीक्षण अभियान के तहत औषधि निरीक्षक हर्षिता ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय स्थित केंद्रीय औषधि भंडार का निरीक्षण किया। इस दौरान दवाओं के उचित तापमान पर भंडारण, ई-औषधि सॉफ्टवेयर के संचालन और दवाओं के क्रय बिलों का सत्यापन किया गया।
निरीक्षण में साइकोट्रॉपिक दवाओं के पृथक भंडारण, उनके रिकॉर्ड, तापमान एवं आर्द्रता नियंत्रण प्रणाली की भी जांच की गई। अधिकारियों ने एक्सपायर दवाओं को मुख्य स्टॉक से अलग रखने और उनका नियमानुसार निस्तारण करने के निर्देश दिए। जांच में अधिकांश दवाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षित पाई गईं तथा वितरण संबंधी अभिलेख भी व्यवस्थित मिले।
औषधि निरीक्षक ने स्टोर प्रभारी को परिसर में स्वच्छता बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध दवा की सूचना तत्काल औषधि नियंत्रण विभाग को देने के निर्देश दिए। विभाग ने स्पष्ट किया कि दवाओं की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
निरीक्षण के दौरान मुख्य फार्मेसी अधिकारी मनोज कुमार टम्टा, फार्मेसी अधिकारी प्रेम टम्टा तथा सहायक खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन दिनेश फर्त्याल मौजूद रहे।
