छह साल बाद फिर खुलेगा लिपुलेख व्यापार मार्ग, जून के पहले सप्ताह से शुरू होगा भारत-तिब्बत सीमा व्यापार

ट्रेड परमिट जारी, प्रशासन ने पूरी की तैयारियां; पहली बार वाहनों से ट्रेड प्वाइंट तक पहुंच सकेगा सामान

DTN पिथौरागढ़। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के ऐतिहासिक लिपुलेख व्यापार मार्ग से भारत-तिब्बत सीमा व्यापार करीब छह वर्षों के अंतराल के बाद एक बार फिर शुरू होने जा रहा है। कोविड-19 महामारी के कारण वर्ष 2019 से बंद यह व्यापारिक गतिविधि जून 2026 के प्रथम सप्ताह से पुनः प्रारंभ होगी। व्यापार बहाली की खबर से सीमांत क्षेत्र के व्यापारियों और स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल है।

जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने बताया कि भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा व्यापार संचालन के लिए आवश्यक ट्रेड परमिट जारी कर दिए गए हैं। इनका वितरण व्यापारियों और उनके सहायकों को किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीमा व्यापार के सुचारु संचालन के लिए जिला प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। व्यापार कार्यालय, कस्टम कार्यालय सहित अन्य व्यवस्थाएं स्थापित कर दी गई हैं।

व्यापार अधिकारी एवं उपजिलाधिकारी धारचूला आशीष जोशी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में सीमा व्यापार संचालन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सोमवार को धारचूला में ट्रेड कार्यालय का विधिवत उद्घाटन किया गया। उन्होंने व्यापारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन हर समय उपलब्ध रहेगा। पहले ही दिन दस व्यापारियों के आवेदन प्राप्त हुए हैं और आवेदन प्रक्रिया लगातार जारी है।

इस वर्ष व्यापार व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। पहली बार भारतीय व्यापारी अपने सामान को वाहनों के माध्यम से भारत-तिब्बत सीमा स्थित इंडो-तिब्बत ट्रेड प्वाइंट तक पहुंचा सकेंगे। इसके बाद उन्हें केवल लगभग दो किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर चीन क्षेत्र में प्रवेश करना होगा। व्यापारियों का मानना है कि इससे समय, श्रम और लागत में कमी आएगी तथा व्यापार संचालन पहले की तुलना में अधिक आसान और लाभकारी होगा।

लिपुलेख व्यापार मार्ग व्यांस, दरमा और चौंदास घाटियों के निवासियों के लिए लंबे समय से आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख आधार रहा है। इस मार्ग से परंपरागत रूप से तिब्बती नमक, ऊन, चरू, कंबल और अन्य वस्तुओं का आदान-प्रदान कुमाऊं क्षेत्र के कृषि एवं दैनिक उपयोग के उत्पादों के साथ किया जाता रहा है।

इस वर्ष भारतीय व्यापारी गुड़, मिश्री, माचिस, खाद्य पदार्थ और अन्य आवश्यक सामग्री तिब्बत ले जाएंगे, जबकि वहां से ऊन, चरू, कंबल और अन्य उत्पाद भारत लाए जाएंगे।

व्यापारियों ने सीमा व्यापार के पुनः संचालन का स्वागत करते हुए इसे सीमांत क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के लिए नई ऊर्जा देने वाला निर्णय बताया है। उनका कहना है कि व्यापार शुरू होने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और परिवहन, होटल व्यवसाय, मजदूरों तथा अन्य स्थानीय कारोबारियों को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

व्यापार संघ के सचिव दोलत सिंह रायपा ने कहा कि सभी व्यापारी जिलाधिकारी, जिला प्रशासन और सरकार के सहयोग के लिए आभारी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस वर्ष का व्यापार पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ेगा। व्यापारियों ने भारत सरकार, उत्तराखंड सरकार और क्षेत्रीय विधायक हरीश धामी का भी आभार व्यक्त किया।

ट्रेड कार्यालय उद्घाटन कार्यक्रम में व्यापार संघ अध्यक्ष जीवन सिंह रोंगकली, सचिव दोलत सिंह रायपा, इन्द्र सिंह, बिशन सिंह, रतन सिंह रायपा, सोनती देवी, अरविंद सिंह, अर्चना देवी, सुधांशु सिंह सहित अनेक व्यापारी उपस्थित रहे।