पिथौरागढ़ को कचरा मुक्त बनाने की मुहिम तेज, महापौर और पार्षदों ने देखा अपशिष्ट प्रबंधन का मॉडल

एमआरएफ सेंटर और ट्रंचिंग ग्राउंड का किया निरीक्षण, कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और पृथक्करण पर दिया जोर
DTN पिथौरागढ़। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर नगर निगम पिथौरागढ़ ने स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर जागरूकता अभियान को नई गति दी है। 5 से 12 जून तक चल रहे विशेष अभियान के तहत महापौर कल्पना देवलाल, पार्षदों और निगम अधिकारियों ने ऐंचोली स्थित एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर तथा नैनीपातल स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड का निरीक्षण किया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अनुभव कराया गया।
निरीक्षण के दौरान सहायक नगर आयुक्त राजदेव जायसी ने एमआरएफ सेंटर की कार्यप्रणाली और तकनीकी व्यवस्थाओं की जानकारी दी। इसके बाद निर्माणाधीन कूड़ा निस्तारण केंद्र का जायजा लेते हुए अधिकारियों ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रावधानों से भी अवगत कराया। अधिकारियों ने बताया कि शहर को स्वच्छ और कचरा मुक्त बनाने के लिए कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण बेहद जरूरी है।
सहायक नगर आयुक्त राजदेव जायसी ने जानकारी देते हुए बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के 19 फरवरी 2026 के आदेश के अनुरूप चार श्रेणियों में कचरा पृथक्करण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है। इससे कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण में मदद मिलेगी और पर्यावरणीय चुनौतियों को कम किया जा सकेगा। संबंधित कर्मचारियों को भी स्वच्छता मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
महापौर कल्पना देवलाल ने कहा कि कूड़ा निस्तारण केंद्र का उद्देश्य केवल कचरा हटाना नहीं, बल्कि उसे संसाधन में बदलना है। जैविक कचरे से खाद तैयार की जाएगी, जबकि प्लास्टिक और आरडीएफ अपशिष्ट का पुनर्चक्रण कर उपयोगी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे बढ़ते प्लास्टिक कचरे की समस्या पर अंकुश लगेगा और क्षेत्र की जैव विविधता तथा प्राकृतिक सौंदर्य को संरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
निरीक्षण कार्यक्रम में सहायक नगर आयुक्त राजदेव जायसी, सफाई निरीक्षक शारिक अंसारी, पार्षद सुशील खत्री, सौरभ भंडारी, कमलेश जोशी, भूपेंद्र कठायत, कमलेश चंद, चंद्रशेखर जोशी, आशुवेंद्र यादव, सफाई हेड विकास कुमार  मौजूद रहे।