नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने पिथौरागढ़ से दबोचा

DTN पिथौरागढ़। अस्कोट कोतवाली क्षेत्र में नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, कुछ दिन पूर्व अस्कोट कोतवाली में एक व्यक्ति के खिलाफ नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 65(1) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 5/6 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष सुरेश कंबोज के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार जांच और साक्ष्य जुटाने में लगी हुई थी।

जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने सोमवार देर शाम दबिश देकर आरोपी योगेश कुमार  (37 वर्ष), निवासी पाभे को पिथौरागढ़ से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने बताया कि आरोपी को आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। मामले की विवेचना जारी है और पुलिस सभी तथ्यों की गहनता से जांच कर रही है।

आरोपी की गिरफ्तारी के लिए गठित टीम में उपनिरीक्षक बसंत पंत, उपनिरीक्षक मीनाक्षी देव, उपनिरीक्षक मनोज चौधरी, कांस्टेबल अर्जुन सिंह, कांस्टेबल गणेश तिवारी और चालक कांस्टेबल कवीन्द्र सिंह शामिल रहे।

क्या है पूरा मामला

अस्कोट कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली एक नाबालिग छात्रा अचानक गंभीर रूप से बीमार हो गई, जिसके बाद उसकी बिगड़ती तबीयत को देखते हुए उसे तुरंत पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) कनालीछीना ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा की गई जांच के बाद यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि नाबालिग को गर्भपात (Abortion) की प्रतिबंधित दवाएं दी गई थीं, जिससे उसकी हालत नाजुक हो गई थी।
इस खुलासे के बाद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस तुरंत हरकत में आई। जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी योगेश कुमार ने नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म (शारीरिक शोषण) किया था। जब छात्रा को गर्भ ठहर गया, तो मामले को छुपाने के लिए आरोपी ने उसे गर्भपात की प्रतिबंधित दवाएं उपलब्ध करवाईं।
थानाध्यक्ष सुरेश कंबोज ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत पॉक्सो (POCSO) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। इसके साथ ही पुलिस इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि आरोपी को गर्भपात की यह प्रतिबंधित दवा कहां से और किसने उपलब्ध कराई थी, क्योंकि बिना डॉक्टर के पर्चे या वैध अनुमति के यह दवाएं मिलना गैरकानूनी है।