DTN देहरादून। नैनीताल जिले स्थित कैंची धाम में आयोजित होने वाले स्थापना दिवस एवं वार्षिक मेले की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने आज सचिवालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने पुलिस, जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभागों को मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि स्थापना दिवस के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए अगले 10 दिनों के लिए विस्तृत रूट प्लान और प्रभावी यातायात प्रबंधन व्यवस्था तैयार की जाए। उन्होंने मेला क्षेत्र के लिए जोनल और सेक्टोरल प्लान तैयार करने के साथ ही पार्किंग प्रबंधन एवं यातायात व्यवस्था का व्यापक प्रचार-प्रसार स्थानीय स्तर के अलावा राज्य और राज्य के बाहर भी किए जाने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन और आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
मुख्य सचिव ने मेला क्षेत्र में चल रहे सौंदर्यीकरण और प्रकाश व्यवस्था से जुड़े कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश देते हुए पेयजल, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने मल्टीलेवल पार्किंग के प्रवेश और निकास मार्गों को व्यवस्थित रखने पर विशेष जोर दिया, जिससे जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। साथ ही पार्किंग स्थल से मंदिर तक श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए शटल सेवा की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने पुलिस और लोक निर्माण विभाग को आवश्यकतानुसार यातायात डायवर्जन योजना तैयार करने तथा वैकल्पिक मार्गों के सुधार और ब्लैक टॉपिंग जैसे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि मेले के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
बैठक में आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य सुविधाओं, एम्बुलेंस सेवाओं और आपातकालीन निकासी योजना को अनिवार्य रूप से तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निकासी योजना की जानकारी पुलिस बल और मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षा कर्मियों को विस्तार से दी जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में उसका प्रभावी क्रियान्वयन किया जा सके।
मुख्य सचिव ने भीड़ प्रबंधन को मेले की सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए सभी हितधारकों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
