राजस्व बढ़ाने पर जिलाधिकारी का जोर, अवैध शराब और सड़क सुरक्षा को लेकर चलेंगे विशेष अभियान

DTN बागेश्वर। जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने जनपद में राजस्व संग्रह बढ़ाने और विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को ठोस कार्ययोजना के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। आज कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने राजस्व प्राप्ति, राजस्व संवर्द्धन और विभिन्न न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व बढ़ाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने संभागीय परिवहन अधिकारी, उप जिलाधिकारियों और पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से सड़क सुरक्षा अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही आबकारी विभाग और पुलिस को अवैध शराब की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए नियमित चेकिंग अभियान संचालित करने को कहा।

जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को मानसून से पहले आपदा संभावित और प्रभावित क्षेत्रों में समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने राशन कार्डों के सत्यापन कार्य में तेजी लाने पर भी जोर देते हुए सभी उप जिलाधिकारियों को रेंडम सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा, ताकि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंच सके।

बैठक में राज्य कर विभाग को जिले के सभी होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं खाद्य सुरक्षा विभाग को खाद्यान्नों की सैंपलिंग बढ़ाने और श्रम विभाग को अभियान चलाकर मनरेगा श्रमिकों का पंजीकरण कराने तथा उन्हें विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने गरुड़ और बागेश्वर क्षेत्र में प्रस्तावित ट्रचिंग ग्राउंड निर्माण की समीक्षा करते हुए संबंधित उप जिलाधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा वन विभाग को पिंडारी ट्रैक पर आने वाले पर्यटकों के पंजीकरण तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने को कहा, ताकि ट्रैक पर आने वाले प्रत्येक पर्यटक का सटीक रिकॉर्ड उपलब्ध हो और सुरक्षा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जा सके।

बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिस पर जिलाधिकारी ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग निर्धारित लक्ष्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करें।