DTN पिथौरागढ़। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में मानसून काल के दौरान जिले में राहत, बचाव एवं आपदा प्रबंधन कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों ने मानसून में विभिन्न विभागों की तैयारियों और व्यवस्थाओं की जानकारी दी।

बैठक में बताया गया कि जिले की सभी तहसीलों में 24 घंटे आपदा नियंत्रण कक्ष संचालित किए जा रहे हैं। मानसून के दौरान आपदा प्रबंधन के लिए अतिरिक्त मानव संसाधन तैनात किए गए हैं। संचार व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभिन्न स्थानों पर सैटेलाइट फोन और वायरलेस सेट की व्यवस्था की गई है। जिले में 298 संवेदनशील सड़क स्थलों को चिह्नित कर 145 जेसीबी व पोकलैंड मशीनें तैनात की गई हैं। आपात स्थिति में आवागमन बहाल करने के लिए चार बैली ब्रिज भी उपलब्ध रखे गए हैं।
राज्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अतिवृष्टि या आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। संवेदनशील सड़क मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जाए। मार्ग बंद होने की स्थिति में तत्काल मशीनरी और कार्मिकों को मौके पर भेजकर यातायात सुचारू कराया जाए। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड लगाने और स्थानीय लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया।
बैठक में बताया गया कि दूरस्थ क्षेत्रों में तीन माह की अग्रिम खाद्यान्न आपूर्ति की जा चुकी है। पेट्रोल पंपों पर 4000 लीटर डीजल और 3000 लीटर पेट्रोल रिजर्व रखा गया है। प्रत्येक रसोई गैस भंडार में 250 सिलेंडर तथा सभी तहसीलों में 50-50 खाद्यान्न राहत किट तैयार रखी गई हैं। जिले में विभागीय और 108 एंबुलेंस सहित 41 एंबुलेंस उपलब्ध हैं।
कुलागाड़ में क्षतिग्रस्त हुआ बैली ब्रिज
19 अगस्त को धारचूला-गुंजी मोटर मार्ग पर कुलागाड़ में पहाड़ी से आए बोल्डर की चपेट में आने से करीब 180 फीट लंबा बैली ब्रिज क्षतिग्रस्त होने की जानकारी भी बैठक में दी गई। राज्यमंत्री ने मानसून की शेष अवधि में सभी विभागों को पूरी सतर्कता और आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए।
46 प्रशिक्षण कार्यक्रमों में 4710 लोग प्रशिक्षित
जिला आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि अब तक 46 खोज एवं बचाव प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर 4710 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया है। राज्यमंत्री ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर सर्विस समेत अन्य बचाव दलों की तैयारियों की भी जानकारी ली।
मेडिकल कॉलेज और पासपोर्ट कार्यालय पर भी चर्चा
राज्यमंत्री ने बताया कि पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में इसी सत्र से पहला शैक्षणिक सत्र शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है। एनएमसी के मानकों के अनुरूप फैकल्टी और अन्य व्यवस्थाएं पूरी की जा रही हैं। पासपोर्ट कार्यालय का कार्य अगले माह तक शुरू कराने और ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग स्टेशन को शीघ्र संचालित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
बैठक में दर्जा राज्यमंत्री गणेश भंडारी, जिला पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र प्रसाद, मेयर कल्पना देवलाल, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी, अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जेएस चुफाल समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे
