पिथौरागढ़। भारत–चीन सीमा व्यापार को वर्ष 2026 में पुनः शुरू किए जाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस संबंध में कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आशीष भटगांई की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रस्तावित व्यापार सत्र को लेकर विस्तृत मंथन किया गया।

बैठक में बताया गया कि विदेश मंत्रालय से लिपुलेख दर्रे के माध्यम से व्यापार संचालन के लिए अनापत्ति मिलने के बाद अब जून के प्रथम सप्ताह से व्यापार शुरू करने की तैयारी है, जो सितंबर तक जारी रहेगा। मौसम अनुकूल रहने पर अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा जा सकता है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि व्यापार शुरू होने से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्व वर्षों की तरह ही व्यापार संचालन किया जाएगा और सभी कार्य विदेश मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप होंगे।
उन्होंने संबंधित विभागों को सड़क, संचार, बैंकिंग, सुरक्षा और आवासीय व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। बीएसएनएल को सीमा क्षेत्र में नेटवर्क मजबूत करने तथा जिला पंचायत व पर्यटन विभाग को गुंजी क्षेत्र में शौचालय और अन्य आधारभूत सुविधाएं विकसित करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि करीब छह वर्षों के अंतराल के बाद शुरू हो रहे इस व्यापार को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है। बैठक में तकलाकोट व्यापार से जुड़े व्यापारियों ने भी अपनी समस्याएं रखीं, जिस पर जिलाधिकारी ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं को मंत्रालय स्तर पर उठाकर समाधान कराया जाएगा।
प्रशासन द्वारा सभी व्यवस्थाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करते हुए आमजन और श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम व बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
बैठक में पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे, अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह, मुख्य उपचिकित्सा अधिकारी प्रशांत कौशिक, कुमाऊं रेजिमेंट, बीआरओ, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
