DTN देहरादून। आगामी अगस्त माह में सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली में आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत (समाधान समारोह-2026) की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय सभागार में समीक्षा बैठक की। बैठक में राज्य सरकार की ओर से रखे जाने वाले विभिन्न लंबित वादों की विभागवार स्थिति तथा उनके निस्तारण की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि चिन्हित मामलों का गंभीरता से परीक्षण करते हुए समझौते की संभावनाओं पर प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाए, ताकि अधिकतम मामलों का सौहार्दपूर्ण समाधान संभव हो सके। उन्होंने कहा कि विशेष लोक अदालत न्यायिक प्रक्रियाओं को सरल और प्रभावी बनाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, जिसका लाभ आम नागरिकों को भी मिलेगा।
बैठक में जानकारी दी गई कि उच्चतम न्यायालय में 21 से 23 अगस्त तक आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत के लिए उत्तराखंड से विभिन्न विभागों एवं विधिक श्रेणियों के कुल 199 मामलों को चिन्हित किया गया है। इनमें दीवानी और फौजदारी प्रकरणों के साथ-साथ बैंकिंग, उपभोक्ता विवाद, पारिवारिक मामले, श्रम एवं औद्योगिक कानून, भूमि अधिग्रहण, मुआवजा, संपत्ति कर, किराया नियंत्रण, बेदखली, सेवा संबंधी विवाद तथा स्थानांतरण याचिकाएं शामिल हैं।
मुख्य सचिव ने विभागीय नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे संबंधित पक्षों से प्रभावी संवाद स्थापित कर मामलों के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए सक्रिय प्रयास करें। उन्होंने नियमित समीक्षा करने और राज्य तथा जिला स्तर पर बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।
