सड़क परियोजनाओं को मिली रफ्तार, भूस्खलन के 42 स्थलों के उपचार पर 1000 करोड़ से अधिक खर्च

DTN पिथौरागढ़। वर्षाकाल के बाद जनपद की राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख मोटर मार्गों की स्थिति को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के उपचार, सड़क सुधारीकरण, चौड़ीकरण और बाईपास निर्माण समेत विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने बताया कि सीमांत जनपद में सड़क कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। चंपावत-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कोट अमोडी में चेनज 100.572 से 100.792 किमी तक भूस्खलन उपचार के लिए 25.65 करोड़ और दिल्ली बैंड में चेनज 170.075 से 170.325 किमी तक उपचार के लिए 33.15 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। घाट बैंड (मुन्ना होटल के समीप )क्षेत्र के कार्य के लिए 33.47 करोड़ रुपये की लागत निर्धारित है।

पिथौरागढ़-लिपुलेख मार्ग पर चार भूस्खलन स्थलों के उपचार के लिए 285 करोड़ तथा टनकपुर-पिथौरागढ़ मार्ग पर 30 भूस्खलन स्थलों के उपचार के लिए 273 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं एनएच-09 पर पिथौरागढ़-तवाघाट के बीच छह भूस्खलन स्थलों के उपचार के लिए 422 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं।

 जौलजीबी-बंगापानी मार्ग का दो-लेन निर्माण प्रस्तावित

जौलजीबी से बंगापानी तक 29.31 किमी मार्ग को दो-लेन करने के लिए 587 करोड़ रुपये का प्रस्ताव मंत्रालय को भेजा गया है। इसके अलावा स्वाला डेंजर जोन में 21.34 करोड़ रुपये की लागत से प्रोटेक्शन कार्य पूरा किया गया है। बेड़ाखेत से पिथौरागढ़ तक करीब 90 किमी मार्ग के डामरीकरण और सुधारीकरण के लिए 89.41 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

बैठक में चंपावत बाईपास की 100 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत होने और कार्य गतिमान होने की जानकारी दी गई। लोहाघाट के 5.59 किमी और पिथौरागढ़ के 12 किमी बाईपास के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। घाट से उड़ियारी बैंड तक करीब 80 किमी मार्ग के दो-लेन चौड़ीकरण के लिए भी डीपीआर गठन की कार्रवाई जारी है।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क परियोजनाओं में गुणवत्ता और सुरक्षा के साथ समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी समाधान के साथ आमजन की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए स्वीकृत और प्रस्तावित कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र प्रसाद, जिलाधिकारी आशीष भटगांई, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी, राज्य मंत्री गणेश भंडारी समेत जनप्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।