सोरगढ़ किले की बदहाल व्यवस्था पर भड़के डीएम, पर्यटन अधिकारी को लगाई फटकार; पुस्तकालय में छात्रों की समस्या का भी कराया समाधान

DTN पिथौरागढ़। जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने आज सोरगढ़ किले (लंदन फोर्ट) का औचक निरीक्षण कर वहां की बदहाल व्यवस्थाओं पर कड़ी नाराजगी जताई। फोर्ट परिसर में फैली गंदगी, अव्यवस्थित रखरखाव और पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर उन्होंने पर्यटन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पर्यटन अधिकारी को फटकार लगाई और तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर इस प्रकार की लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने फोर्ट परिसर में विशेष सफाई अभियान चलाने, पर्याप्त संख्या में डस्टबिन लगाने, आवश्यक स्थानों पर दिशासूचक एवं सूचना बोर्ड स्थापित करने तथा पर्यटकों के लिए पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि किसी भी पर्यटन स्थल की पहचान उसकी स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और सुव्यवस्थित रखरखाव से होती है। यदि व्यवस्थाएं बेहतर हों तो पर्यटकों के बीच जनपद की सकारात्मक छवि बनती है और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करते हुए नियमित निगरानी व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।

इसके बाद जिलाधिकारी ने जिला सूचना कार्यालय का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पुस्तकालय में अध्ययन कर रहे छात्र-छात्राओं से बातचीत के दौरान उन्होंने उनकी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान विद्यार्थियों ने पुस्तकालय में पर्याप्त और सुविधाजनक फर्नीचर न होने की समस्या जिलाधिकारी के समक्ष रखी।

छात्रों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को पुस्तकालय में नई कुर्सियां और अन्य आवश्यक फर्नीचर की व्यवस्था शीघ्र करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को बेहतर अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जिला सूचना कार्यालय परिसर में स्वच्छता बनाए रखने, अभिलेखों को अद्यतन रखने तथा कार्यालयीय कार्यों का सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसुविधाओं से जुड़े सभी संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता, गुणवत्ता और नागरिक सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए तथा निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।