रेंतोली के 10 परिवारों को जल कनेक्शन न मिलने पर मांगी रिपोर्ट, नालियों की सफाई और पेड़ों की लॉपिंग के निर्देश
DTN बागेश्वर। जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जन सुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने सड़क, पेयजल, विद्युत, मुआवजा भुगतान, पेड़ों की लॉपिंग समेत विभिन्न समस्याओं से जुड़ी कुल 33 शिकायतें दर्ज कराईं। इनमें से अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष मामलों के समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

जन सुनवाई के दौरान रेंतोली गांव के 10 परिवारों को “हर घर नल, हर घर जल” योजना के तहत पेयजल कनेक्शन उपलब्ध न होने का मामला प्रमुखता से उठाया गया। इस पर जिलाधिकारी ने जल संस्थान के अधिकारियों को तत्काल जांच कर उसी दिन शाम तक विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग और नगर निकायों को विशेष अभियान चलाकर नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कंधार-पत्थरखानी सड़क से संबंधित शिकायत पर लोक निर्माण विभाग को ग्रामवासियों की उपस्थिति में सीमांकन पिलर लगाने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
आवासीय क्षेत्रों के समीप खड़े पेड़ों से लोगों की सुरक्षा को लेकर प्राप्त शिकायतों पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्रवाई करने को कहा। साथ ही विद्युत विभाग को निर्देशित किया कि जहां-जहां बिजली की लाइनें पेड़ों की शाखाओं से प्रभावित हो रही हैं, वहां तत्काल लॉपिंग कर संभावित दुर्घटनाओं को रोका जाए।
जन सुनवाई में राजकीय इंटर कॉलेज देवलधार में जीव विज्ञान विषय संचालित किए जाने की मांग भी उठी। इस पर जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन सुनवाई में प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थलीय निरीक्षण किया जाए तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर उनका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव नहीं है, उनमें शिकायतकर्ताओं को कार्रवाई की प्रगति की नियमित जानकारी दी जाए।
उन्होंने सभी विभागों को शिकायतों की निरंतर मॉनिटरिंग करने तथा निस्तारण की प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि जन समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और आमजन को शीघ्र राहत उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
