डीएम अंशुल सिंह ने व्यवस्थाओं की समीक्षा कर दिए निर्देश, इस बार एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना

DTN अल्मोड़ा। विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में प्रस्तावित श्रावणी मेले के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में मेले की तैयारियों का जायजा लेते हुए उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस वर्ष श्रावणी मेले का आयोजन 16 जुलाई से 15 अगस्त तक प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहने की संभावना है। गत वर्ष लगभग एक लाख श्रद्धालु मेले में पहुंचे थे, इसलिए इस बार सभी तैयारियां बढ़ी हुई भीड़ को ध्यान में रखकर की जाएं।
उन्होंने परिवहन, पार्किंग, साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, शौचालय, सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा न हो और वे जागेश्वर धाम से सुखद एवं सकारात्मक अनुभव लेकर लौटें। इसके लिए सभी विभाग अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करें।
बैठक में अधिकारियों को मेले के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने, पार्किंग का प्रभावी प्रबंधन करने तथा स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि जागेश्वर धाम केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की पर्यटन गतिविधियों और स्थानीय लोगों की आजीविका का भी महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में श्रावणी मेले का सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन जनपद की प्रतिष्ठा से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों से समन्वित प्रयासों के साथ बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र, उपजिलाधिकारी जैंती-भनोली सौम्या गर्ब्याल, तहसीलदार, प्रबंधक जागेश्वर मंदिर समिति ज्योति धपवाल सहित जागेश्वर क्षेत्र के हितधारक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
