विकास और पर्यावरण संरक्षण को बताया समान रूप से जरूरी, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ने का किया आह्वान
DTN भीमताल (नैनीताल)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज जनपद नैनीताल को 96 करोड़ 71 लाख रुपये की 13 विकास योजनाओं की सौगात दी। इनमें 67 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुई छह योजनाओं का लोकार्पण तथा 29 करोड़ 71 लाख रुपये की सात नई योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भीमताल क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकास की रोशनी अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाना है।

भीमताल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सैनिकों एवं व्यापारियों के लिए बहुउद्देश्यीय भवन के निर्माण, भीमेश्वर मंदिर एवं ओखलकांडा स्थित पशुपतिनाथ मंदिर को मंदिर माला मिशन में शामिल करने, रामगढ़ ब्लॉक के ओढ़ाखान-मुक्तेश्वर मोटर मार्ग एवं जीप मार्ग के मिलान तथा रामगढ़ उप तहसील का शीघ्र संचालन शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने क्षेत्र में प्राधिकरण से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित कर प्रभावी समाधान निकालने की बात भी कही।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भीमताल की झीलें, हरियाली, पर्वत श्रृंखलाएं और प्राकृतिक सौंदर्य हमें यह संदेश देते हैं कि प्रकृति और पर्यावरण ही हमारे वर्तमान और भविष्य का आधार हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। आज का दिन आत्ममंथन का अवसर है कि हम अपने बच्चों को कैसा पर्यावरण और कैसा भविष्य सौंपकर जाना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पहचान उसके जंगलों, नदियों, हिमालय और प्राकृतिक धरोहरों से है। यहां से निकलने वाली गंगा और यमुना जैसी नदियां करोड़ों लोगों के जीवन का आधार हैं। हमारी संस्कृति ने सदियों पहले ही प्रकृति को पूजनीय मानते हुए पूरी दुनिया को सह-अस्तित्व का संदेश दिया था। आज जब दुनिया पर्यावरण संरक्षण की बात कर रही है, तब यह हमारी जीवनशैली और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है।
उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन अब केवल वैज्ञानिकों की चर्चा का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन की वास्तविकता बन चुका है। बढ़ता तापमान, अनियमित वर्षा, सूखते जल स्रोत, पिघलते ग्लेशियर और बढ़ती प्राकृतिक आपदाएं लगातार चेतावनी दे रही हैं। इसका सीधा प्रभाव कृषि, जल स्रोतों, जैव विविधता और राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले पर्यटन क्षेत्र पर पड़ रहा है। इसलिए पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ‘प्रकृति भी और प्रगति भी’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। मिशन लाइफ के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किया गया ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि भावनाओं से जुड़ा जनआंदोलन है। उन्होंने प्रदेश के प्रत्येक परिवार से अपनी मां के नाम एक पौधा लगाने और उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित करने का आह्वान किया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने चिपको आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति ने गौरा देवी के नेतृत्व में पूरी दुनिया को प्रकृति संरक्षण का अद्वितीय संदेश दिया था। आज फिर उसी भावना को जागृत कर पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जल संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन, नदी संरक्षण, वनीकरण, वन्यजीव संरक्षण और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है। उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने सकल पर्यावरण उत्पाद की अवधारणा को लागू किया है, जो यह दर्शाता है कि राज्य के लिए आर्थिक विकास के साथ-साथ जंगल, जल और जैव विविधता भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से वनाग्नि की घटनाओं को रोकने में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि छोटी सी लापरवाही बड़े नुकसान का कारण बन सकती है, जबकि थोड़ी सी सतर्कता हजारों पेड़ों और वन्य जीवों के जीवन की रक्षा कर सकती है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और भीमताल विधानसभा क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का उल्लेख किया। कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री ने रामलीला मैदान स्थित श्री हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, विधायक सरिता आर्या, दर्जा राज्य मंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, ध्रुव रौतेला, नगर पालिका अध्यक्ष सीमा टमटा, कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
