DTN चम्पावत। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिला चिकित्सालय चम्पावत में जिले की पहली ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट शुरू कर दी गई है। इस सुविधा के शुरू होने से अब मरीजों को जरूरत के अनुसार रक्त के विभिन्न घटक स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगे। इससे गंभीर मरीजों और उनके परिजनों को रक्त घटकों के लिए अन्य बड़े स्वास्थ्य केंद्रों पर निर्भरता कम होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘आदर्श चम्पावत’ के विजन के अनुरूप जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का शुरू होना चम्पावत की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे दुर्घटना में घायल, गंभीर रोगियों, प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव तथा प्लेटलेट्स की जरूरत वाले मरीजों को विशेष लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि जरूरतमंद मरीजों को रक्त के आवश्यक घटक समय पर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने से उपचार में भी मदद मिलेगी। जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन प्रक्रिया के तहत दान किए गए रक्त को रेड ब्लड सेल्स, प्लाज्मा और प्लेटलेट्स जैसे प्रमुख घटकों में अलग किया जाता है। इसके बाद मरीज की चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार संबंधित रक्त घटक उपलब्ध कराया जाता है। इससे एक यूनिट रक्त का अधिक प्रभावी और आवश्यकता आधारित उपयोग संभव होता है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान ने बताया कि जिले में पहली बार यह सुविधा उपलब्ध होना स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यूनिट के संचालन से मरीजों को जरूरत के अनुसार रक्त घटक उपलब्ध कराने में सुविधा होगी। गंभीर मरीजों के उपचार में समय की बचत के साथ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
यूनिट के शुरू होने से चम्पावत जिले में रक्त संबंधी उपचार सुविधाओं को नई मजबूती मिली है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को राहत मिलने के साथ जिले में आधुनिक चिकित्सा सेवाओं के विस्तार को भी गति मिलेगी।
