DTN हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज पतंजलि वेलनेस योगग्राम, औरंगाबाद में प्रथम पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् के उद्घाटन समारोह में प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि देवभूमि में पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् का शुभारंभ भारत की गौरवशाली ज्ञान परंपरा को आधुनिक युग से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुकुल परंपरा हजारों वर्षों से ज्ञान, संस्कार, अनुशासन और चरित्र निर्माण का आधार रही है। गुरुकुलों में पुस्तकीय ज्ञान के साथ विद्यार्थियों को जीवन जीने की कला और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का बोध भी कराया जाता है। आधुनिक विज्ञान और तकनीक के साथ योग, आयुर्वेद, भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों का समन्वय विद्यार्थियों को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में कौशल, नवाचार, भारतीय ज्ञान परंपरा और विद्यार्थियों के समग्र विकास पर जोर दिया गया है। उत्तराखंड में भी नीति को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। भारतीय ज्ञान परंपरा, दर्शन और संस्कृति के अध्ययन एवं शोध को बढ़ावा देने के लिए दून विश्वविद्यालय में हिंदू अध्ययन केंद्र स्थापित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विज्ञान, शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए भी कार्य किए जा रहे हैं। देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी विकसित की जा रही है। सरकार उत्तराखंड को पर्यटन के साथ ज्ञान, योग, आयुर्वेद और अध्यात्म के प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयासरत है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, विधायक ज्वालापुर रवि बहादुर, मेयर नगर निगम रुड़की अनीता अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
