जिला न्यायालय में तीन मंजिला पार्किंग को मिलेगी रफ्तार, 9.59 करोड़ का हुआ पुनरीक्षित आगणन

DTN देहरादून। पिथौरागढ़ जिला न्यायालय परिसर में प्रस्तावित तीन मंजिला पार्किंग के निर्माण को अब गति मिलने की उम्मीद है। परियोजना के पुनरीक्षित आगणन को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति देने को लेकर शासन स्तर पर हुई बैठक में लागत बढ़ने के कारणों पर मंथन किया गया। तकनीकी स्वीकृति के लिए गठित टीएसी ने 959.47 लाख रुपये के पुनरीक्षित आगणन को मंजूरी दी है। परियोजना में अब इलेक्ट्रिफिकेशन, रिइनफोर्समेंट और दो लिफ्ट का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।

राज्य सचिवालय में आवास विभाग की सचिव एवं राज्य संपत्ति अधिकारी डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिलाधिकारी पिथौरागढ़ और लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं ने परियोजना की तकनीकी स्थिति, लागत और निर्माण की आवश्यकता पर चर्चा की। कार्यदायी संस्था प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग पिथौरागढ़ ने संशोधित विस्तृत आगणन तैयार किया है।

परियोजना के लिए शासन स्तर से पहले ही 270.61 लाख रुपये, यानी कुल लागत का 40 प्रतिशत धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। निर्माण की आवश्यकता और अतिरिक्त प्रावधानों के चलते पुनरीक्षित आगणन में 282.93 लाख रुपये की वृद्धि हुई है। समिति ने लोक निर्माण विभाग के संबंधित अभियंता को अतिरिक्त लागत के कारणों का लिखित विवरण शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।

43 कारों की होगी क्षमता

मार्केट वाली रोड पर प्रस्तावित पार्किंग की क्षमता 43 कारों की होगी। तीन मंजिला पार्किंग बनने से जिला न्यायालय में आने वाले अधिवक्ताओं, वादकारियों, कर्मचारियों के साथ आम नागरिकों को भी वाहन खड़े करने की सुविधा मिलेगी। सीमित भूमि में बहुमंजिला निर्माण से पार्किंग की समस्या कम करने में मदद मिलेगी। दो लिफ्ट लगाए जाने से पार्किंग के विभिन्न स्तरों तक आवाजाही भी सुगम होगी।

जिलाधिकारी तय करेंगे पार्किंग शुल्क

बैठक में पार्किंग के संचालन और शुल्क निर्धारण पर भी निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को पार्किंग शुल्क निर्धारित करने को कहा गया है। शुल्क से पार्किंग के नियमित संचालन, रखरखाव और अन्य व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने की योजना है।