पिथौरागढ़ में जिला योजना समिति के रण का शंखनाद: 18 सीटों पर टिकी निगाहें, 16 अक्टूबर को होगा शह-मात का फैसला

DTN पिथौरागढ़। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में जिला योजना समिति (डीपीसी) के सामान्य निर्वाचन की रणभेरी बज चुकी है। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में जिला मजिस्ट्रेट एवं रिटर्निंग अधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने चुनावी अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही जिले के विकास का खाका खींचने वाली इस शीर्ष समिति की 18 सीटों पर कब्जा जमाने के लिए राजनीतिक बिसात बिछनी शुरू हो गई है। इस महत्वपूर्ण चुनाव में जिला पंचायत के निर्वाचित सदस्यों में से 14 और नगरीय निकायों से 4 प्रतिनिधि चुनकर समिति में पहुंचेंगे।

निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार चुनावी महासमर की औपचारिक शुरुआत 10 अक्टूबर से नामांकन पत्रों की बिक्री के साथ हो रही है। प्रत्याशी 12 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। अगले दिन 13 अक्टूबर को पूर्वाह्न 10 बजे से नामांकन पत्रों की जांच का काम होगा, जबकि मान-मनौव्वल और उम्मीदवारी वापस लेने के लिए 14 अक्टूबर की दोपहर 3 बजे तक का समय मुकर्रर किया गया है। यदि आवश्यक हुआ तो 16 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक मतदान कराया जाएगा और उसी दिन दोपहर 3 बजे से मतगणना शुरू कर देर शाम तक परिणामों का ऐलान कर दिया जाएगा।

चुनावी गणित पर नजर डालें तो ग्रामीण क्षेत्र यानी जिला पंचायत का पलड़ा भारी है, जहां से 14 सदस्यों का चुनाव होना है। वहीं शहरी निकायों के कोटे में 4 सीटें आई हैं। इसमें नगर निगम पिथौरागढ़, नगर पालिका धारचूला, डीडीहाट और नगर पंचायत मुनस्यारी को मिलाकर 3 सदस्य चुने जाएंगे, जबकि नगर पालिका परिषद गंगोलीहाट और बेरीनाग क्षेत्र से 1 सदस्य का निर्वाचन होगा।

जिला पंचायत सदस्यों के नामांकन, मतदान और मतगणना का जिम्मा कलेक्ट्रेट सभाकक्ष को सौंपा गया है। वहीं, निकाय क्षेत्र पिथौरागढ़ के लिए कलेक्ट्रेट के द्वितीय तल स्थित आपदा प्रबंधन कक्ष संख्या-1 तथा गंगोलीहाट निकाय क्षेत्र के लिए कक्ष संख्या-2 को अधिकृत किया गया है। डीएम आशीष कुमार भटगांई ने स्पष्ट किया है कि चुनाव उत्तराखंड जिला योजना समिति नियमावली के तहत पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराए जाएंगे।